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रांची/डेस्क: 14वीं जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में जेल में बंद आरोपी बुद्धेश्वर भगत को बेल देने से कोर्ट ने इनकार कर दिया है. आरोपी सत्यपाल सिंह को भी अग्रिम जमानत देने से कोर्ट ने इनकार किया. अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की कोर्ट ने दोनों याचिका खारिज कर दी. सीआईडी ने 5 अगस्त 2026 को बुद्धेश्वर भगत को गिरफ्तार किया था. सीआईडी की पूछताछ में बुद्धेश्वर ने कई राज खोले है. अपने बयान में बुद्धेश्वर ने दावा किया कि अभय तिवारी ने पैसे लेकर अभ्यर्थियों का चयन कराने की बात कही थी. जिसके बाद अभ्यर्थियों से संपर्क करने और उन्हें तैयार करने की जिम्मेदारी बुद्धेश्वर को सौंपी गई.
बुद्धेश्वर साल 2008 से नामकुम स्थित NHM कार्यालय में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था. वह नौकरी के साथ-साथ जमीन की खरीद-बिक्री का काम भी करता था. इसी दौरान साल 2022-23 में उसकी मुलाकात अभय कुमार तिवारी से हुई. अभय तिवारी NHM में आउटसोर्सिंग का काम लेने के सिलसिले में आया था. बाद में दोनों के बीच संपर्क बढ़ता गया. वहीं, सत्यपाल सिंह को सीआईडी ने आरोपी बनाया है. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कोर्ट से अग्रिम राहत की गुहार लगायी थी. उसपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.
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