संतोष श्रीवास्तव/प्रेम कुमार
न्यूज़ 11 भारत
पलामू/डेस्क: जिले से एक बेहद ही हैरान-परेशान करने वाला मामला सामने आया है. यहां गरीबों में बांटे जाने वाला 209 क्विंटल चावल बीते 6 सालों से विवाह मंडप में पड़ा हुआ है. सरकारी अनाज की इस स्थिति ने व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
वह अनाज जो आज किसी जरूरतमंद की थाली में होनी चाहिए, वह विवाह मंडप में पड़े-पड़े खराब हो रहा है. चावल इतना पुराना हो चुका है कि उसका इस्तेमाल मानव भोजन के रूप में किया जाना मुश्किल नजर आ रहा है. एक ओर सरकार गरीबों और जरूरतमंदों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर गरीबों में बांटे जाने वाला सैकड़ों क्विंटल अनाज वर्षों से पड़ा-पड़ा सड़ रहा है. सैकड़ों क्विंटल अनाज को इस तरह बेकार होता देख अब लोगों के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर सरकारी अनाज को 6 वर्षों तक वितरण से बाहर क्यों रखा गया?
क्षेत्र में आज भी कई ऐसे गरीब परिवार हैं, जिन्हें दो वक्त के भोजन के लिए संघर्ष करना पड़ता है. ऐसे में यदि यही अनाज समय पर जरूरतमंदों के बीच वितरित कर दिया जाता तो अनेक परिवारों को राहत मिल सकती थी.
सरकारी अनाज का इस तरह बर्बाद होना केवल खाद्यान्न की बर्बादी नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकार और सरकारी धन की बर्बादी का भी गंभीर मामला है. अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में जांच कर जिम्मेदारी तय करता है या फिर सैकड़ों क्विंटल चावल इसी तरह सड़कर बर्बाद होता रहेगा.
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