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सिमडेगा/डेस्क: सिमडेगा पुलिस को करोड़ों रुपये की ठगी मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. सिमडेगा पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर सिक्योरिटी मनी के रूप में लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक कथित रैकेट का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में अशोक साय, ओम प्रकाश, एनिस केरकेट्टा, सरोज केरकेट्टा, गौरती केरकेट्टा और कुंदन शर्मा शामिल हैं.
एसपी सिमडेगा श्रीकांत एस खोटरे ने मामले में प्रेस वार्ता कर बताया कि सिमडेगा जिला में करीब 900 लोगों से 5 से 6 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है. उन्होंने बताया मामले में बानो थाना कांड संख्या 27/26 और कुरडेगा थाना कांड संख्या 36/26 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया था.
एसपी ने बताया कि बानो थाना और कुरडेग थाना क्षेत्र के ग्रामीणों ने वीएसके फाउंडेशन नामक एनजीओ के विरुद्ध नौकरी दिलाने के नाम पर सिक्योरिटी मनी के रूप में रुपये लेकर ठगी एवं धोखाधड़ी करने की शिकायत की थी. शिकायत के आधार पर दोनों थाना क्षेत्रों में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिमडेगा श्रीकांत एस खोटरे के निर्देश पर डीएसपी, एसडीपीओ और अन्य पुलिस पदाधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया. पुलिस की गठित एसआईटी टीम ने तकनीकी एवं मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया.
पुलिस ने आरोपियों के पास से मामले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी बरामद किए हैं. जांच में पुलिस के सामने आया कि कथित संस्था के माध्यम से नौकरी देने के नाम पर मल्टी लेवल स्कीम संचालित की जा रही थी. संस्था में विभिन्न पदों के लिए आकर्षक वेतन का लालच देकर लोगों से सिक्योरिटी मनी ली जाती थी. बताया गया कि स्टेट हेड के लिए 3 लाख रुपये, डिस्ट्रिक्ट हेड के लिए 1.50 लाख रुपये, ब्लॉक कॉर्डिनेटर के लिए 60 हजार रुपये और सेंटर इंचार्ज के लिए 40 हजार रुपये तक लिए जाते थे.
पुलिस के अनुसार, संस्था के नाम पर प्राप्त रकम का कथित तौर पर निजी संपत्ति अर्जित करने में इस्तेमाल किया जा रहा था. पीड़ितों की राशि वापस कराने के उद्देश्य से आरोपी की संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा रही है. एसपी ने बताए कि इस मामले के उद्भेदन में कई चुनौतियां पुलिस के समकक्ष आई. लेकिन पुलिस सभी चुनौतियों का सामना करते हुए मामले का उद्भेदन किया गया.
एसपी सिमडेगा ने मामले में बताया कि इस संस्था के साथ तीसरी और चौथी लेबल के कर्मी सीधे तौर पर दोषीदार नजर नहीं आ रहे हैं. एसपी सिमडेगा ने जिले के लोगों से अपील किए हैं कि संस्था से जुड़े तीसरी और चौथी लेबल के कर्मियों के प्रति पैनिक ना हो.
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