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पलामू/डेस्क:
सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडेय ने पाटन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में कई गंभीर गड़बड़ियां और भारी लापरवाही उजागर हुई. एसडीओ के पहुंचते ही अस्पताल में जांच के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी समेत कुल 14 डॉक्टर और कर्मी ड्यूटी से नदारद पाए गए, हद तो तब हो गई जब गृह रक्षक पूनम कुमारी मौके से गायब थीं, लेकिन उन्होंने अगले दिन तक की अग्रिम हाजिरी पहले ही बना रखी थी. वहीं, डॉ. रामाश्रय रजिस्टर में साइन करके गायब मिले, जिनके बारे में पता चला कि वे सरकारी अस्पताल में हाजिरी लगाकर बाहर अपना निजी क्लीनिक चलाते हैं.

निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर गायब था और टीकाकरण व वैक्सीन की स्टॉक पंजी अद्यतन नहीं रखी गई थी. प्रभारी डॉक्टर की टेबल पर एक प्राइवेट पैथोलॉजी लैब का कार्ड भी मिला, जिससे निजी लैब को बढ़ावा देने का संदेह जताया गया है, जांच के 20 मिनट बाद पहुंचे एक संदिग्ध व्यक्ति ने खुद को डॉ. आनंद कुमार महतो बताया, लेकिन न तो वे डॉक्टर के परिधान में थे और न ही रजिस्टर में उनका नाम दर्ज था.
अस्पताल की स्थिति इतनी बदहाल थी कि ओपीडी और ड्रेसिंग रूम समेत पूरे परिसर में चारों तरफ गंदगी फैली हुई थी और बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की कोई व्यवस्था नहीं थी। इतने बड़े स्वास्थ्य केंद्र में एक भी मरीज भर्ती नहीं पाया गया, जो अस्पताल की व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.अब देखने वाली बात है कि ऐसी स्थिति में क्या कुछ जिला प्रशासन की तरफ से कार्रवाई की जा सकती है या फिर कोई कड़ा दिशा निर्देश दिया जा सकता है.
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