प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राचीन पहाड़ी मंदिर परिसर में मंगलवार की रात सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ. कथा के प्रथम दिन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित अनुराग कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संगीतमय भागवत कथा का श्रवण कराया.कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर की गई. आयोजन समिति के निरंजन सिंह एवं उनकी पत्नी मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए. वहीं, स्थानीय जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी ने कथावाचक पंडित अनुराग कृष्ण शास्त्री का विधिवत तिलक कर पूजा-अर्चना की.
करीब तीन घंटे तक चले कथा कार्यक्रम के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. संगीतमय भागवत कथा के बीच श्रद्धालु ‘राधे-राधे’ के जयकारे लगाते हुए भक्ति में झूमते नजर आए.प्रवचन के दौरान पंडित अनुराग कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान की भक्ति किसी जाति, धर्म या वर्ग की सीमा में बंधी नहीं है. भक्ति वह शक्ति है, जो इंसान को इंसान से जोड़ती है. जब हम जात-पात, ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर भगवान के नाम से जुड़ते हैं, तभी समाज में वास्तविक प्रेम और भाईचारा स्थापित हो सकता है.
उन्होंने कहा कि भागवत कथा का उद्देश्य केवल कथा का श्रवण करना नहीं, बल्कि उसके संदेश और अच्छे विचारों को अपने जीवन में उतारना है. समाज को मजबूत बनाने के लिए सभी लोगों को आपसी प्रेम, सद्भाव, सेवा और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए.कथावाचक ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि धर्म को आपस में बांटने का माध्यम न बनाकर मानवता, प्रेम और सद्भाव का माध्यम बनाया जाए. भगवान का नाम लेने और अच्छे कर्म करने का अधिकार प्रत्येक व्यक्ति को समान रूप से है.
कार्यक्रम में स्टेशन प्रबंधक अनिल कुमार द्विवेदी, सुधा दुबे, रेखा पाठक, कलाकार प्रवेश कुमार, कुलदीप कुमार, विकास कुमार, पंडित मृत्युंजय मिश्रा, छोटे सिंह, रणजीत सिंह राणा, शशिकांत मंडल, अनुज सिन्हा, आशा देवी, दीपक सिंह, राजा कुमार सहित खुसबू, गोलू, प्रिया, जिया, पीहू समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
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