MP Nikay chunav 2027: मध्य प्रदेश में 2027 में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनावों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रदेश के 413 नगरीय निकायों के चुनाव 6 मीहने के लिए टल सकते है। इसका मुख्य कारण देश में प्रस्तावित जनगणना की प्रक्रिया के बाद होने वाला परिसीमन और वार्डों का नया पुनर्गठन माना जा रहा है। मौजूदा निकायों का कार्यकाल जुलाई 2027 में समाप्त हो रहा है, लेकिन परिसीमन और आरक्षण के चलते चुनाव टलना तय माना जा रहा है।
मार्च 2027 तक होगी जनगणना
आपको बता दें कि प्रदेश में मार्च 2027 तक जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने का अनुमान है। जनगणना के आंकड़े जारी होने के बाद ही नगरीय निकायों की भौगोलिक सीमाओं और नए वार्डों के गठन पर काम शुरू होगा। नए सिरे से सीमाओं के निर्धारण, जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर आरक्षण तय करने और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में समय लगेगा। इसी के चलते सरकार नए परिसीमन के बाद ही चुनाव कराने की दिशा में विचार कर रही है।
प्रदेश के 413 निकायों में प्रस्तावित हैं चुनाव
आपको यह भी बता दें कि मध्य प्रदेश में आगामी निकाय चुनाव का दायरा काफी बड़ा है। 413 निकायों में से 16 नगर निगम, 99 नगर पालिकाएं और 298 नगर परिषदें है। चुनाव की तैयारियों के बीच नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने महापौर और अध्यक्ष पदों के आरक्षण की प्रक्रिया के लिए आयुक्त को विहित प्राधिकारी नियुक्त कर दिया है।
पहले भी टल चुके हैं निकाय उपचुनाव
बता दे कि इससे पहले भी प्रदेश के कुछ निकायों में होने वाले उपचुनावों को कानून-व्यवस्था और भारी बारिश जैसे कारणों से स्थगित किया जा चुका है। अब आम निकाय चुनावों के समय पर होने को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि जुलाई 2027 तक नए परिसीमन और आरक्षण का काम पूरा नहीं हो पाता, तो निकाय चुनावों की घोषणा देर से होगी और नया चुनावी कार्यक्रम परिसीमन के बाद ही जारी हो सकता है।