मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब तस्करी रोकने पहुंचे एक पुलिस अधिकारी की जान चली गई. खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को शराब से भरे आयशर वाहन ने कुचल दिया. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां करीब दो घंटे तक CPR और इलाज के बावजूद उनकी मौत हो गई.घटना रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे इंदौर-बैतूल हाईवे की है. टीआई दिलीप पुरी पुलिस टीम के साथ अवैध शराब की तस्करी की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंचे थे. इसी दौरान शराब से भरा आयशर वाहन उनकी मौत की वजह बन गया।
ड्राइवर को नीचे उतरने कहा, डिवाइडर पर चढ़ाकर भगाने लगा वाहन
जानकारी के मुताबिक, नेमावर पुलिस भी इसी आयशर वाहन का पीछा कर रही थी। पुलिस टीम को वाहन हाईवे पर डिवाइडर के किनारे खड़ा मिला था। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी दिलीप पुरी ने ड्राइवर को वाहन से नीचे उतरने के लिए कहा.इसी दौरान ड्राइवर ने वाहन रोकने के बजाय उसे डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे बढ़ा दिया। आयशर का पिछला पहिया टीआई पुरी के ऊपर से गुजर गया। हादसे में उनके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आईं और काफी खून बह गया.पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने करीब दो घंटे तक CPR और इलाज के जरिए उनकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली.
ट्रक छोड़कर फरार हुआ ड्राइवर
हादसे के बाद आयशर चालक वाहन लेकर डिवाइडर पार कर दूसरी तरफ निकल गया। वह वाहन को संदलपुर में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने आयशर को बरामद कर संदलपुर थाने में खड़ा कराया है। फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है।घटना की जानकारी मिलने पर देवास एसपी आदित्य मिश्रा सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे खातेगांव पहुंचे। वहीं, टीआई की मौत की खबर मिलने के बाद उनका परिवार भी खातेगांव पहुंच गया।
देवास में जहरीली शराब से 13 से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत
इस घटना के बीच देवास जिले में अवैध शराब के कारोबार को लेकर पहले से उठ रहे सवाल एक बार फिर चर्चा में हैं। जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर चंदाना और पास के बिंजाना गांव में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से मौतों का मामला सामने आया था.ग्रामीणों ने दावा किया था कि दोनों गांवों में करीब 20 दिनों के भीतर 13 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। कुछ लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की बात भी सामने आई थी।