विवेक सिंह, संग्रामपुर/अमेठी: ब्लॉक मुख्यालय के पास विधायक निधि से बनाए गए द्वार के नामकरण को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। द्वार का नाम महाराजा बिजली पासी के नाम पर रखे जाने पर कई स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। लोगों ने क्षेत्र की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप नामकरण करने की मांग की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि द्वार प्रसिद्ध कालिकन मंदिर के समीप स्थित है। कालिकन मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा क्षेत्र का संबंध महर्षि च्यवन मुनि से जुड़ी धार्मिक एवं ऐतिहासिक मान्यताओं से भी बताया जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे महत्वपूर्ण स्थल के समीप बनाए गए द्वार का नामकरण भी क्षेत्र की पहचान से जुड़ा होना चाहिए। लोगों ने कालिकन धाम द्वार तथा महर्षि च्यवन मुनि स्मृति द्वार नाम रखने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी और बाहर से आने वाले लोगों को भी स्थान की विशेषता का पता चलेगा।
वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि महाराजा बिजली पासी के नाम पर द्वार का नाम रखा जाना उनके योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक है। ऐसे महापुरुषों के नाम पर सार्वजनिक निर्माण का नामकरण किया जाना भी उचित है। हालांकि आपत्ति जताने वाले क्षेत्रवासियों का कहना है कि उनका विरोध महाराजा बिजली पासी के सम्मान को लेकर नहीं है, बल्कि निर्माण स्थल की स्थानीय पहचान के अनुरूप नामकरण की मांग है। क्षेत्रवासियों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मामले में पुनर्विचार करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अंतिम निर्णय लेते समय स्थानीय भावनाओं, धार्मिक महत्व और क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखा जाना चाहिए।