विवेक सिंह, संग्रामपुर, अमेठी: अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करने जा रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के चिकित्सकों को सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में ही रोक दिया गया। पुलिस ने अस्पताल परिसर में चिकित्सकों के कक्षों के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया, जिससे चिकित्सक लखनऊ नहीं जा सके। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य महकमे में हलचल रही।
धरने से पहले सीएचसी में पुलिस की पहरेदारी
एनएचएम चिकित्सक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लखनऊ में आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सीएचसी संग्रामपुर में पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। चिकित्सकों को अस्पताल परिसर में ही रोक दिया गया। इसके चलते वे अपने निर्धारित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
एक चिकित्सक के भरोसे मरीज
चिकित्सकों को रोके जाने का असर अस्पताल की व्यवस्था पर भी पड़ा। मरीजों के स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार की जिम्मेदारी डॉ. संतोष सिंह को अकेले संभालनी पड़ी। एक ओर मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी थी, तो दूसरी ओर सीमित चिकित्सकीय व्यवस्था के बीच कामकाज का अतिरिक्त दबाव भी रहा।
संघ के पदाधिकारी भी रोके गए
सीएचसी में रोके गए चिकित्सकों में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संघ की ब्लॉक इकाई के अध्यक्ष डॉ. इकबाल आरिफ, डॉ. यशवंत राव, डॉ. सुधीर शुक्ला और बलराम चौरसिया सहित अन्य चिकित्सक शामिल रहे। सभी चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में आयोजित प्रदर्शन में भाग लेने जा रहे थे।
मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी
एनएचएम चिकित्सकों का प्रस्तावित धरना अपनी विभिन्न मांगों को लेकर था। हालांकि, पुलिस की तैनाती के कारण वे संग्रामपुर से आगे नहीं जा सके। चिकित्सकों की मांगों का विस्तृत विवरण और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।