कुलदीप शुक्ला, अमेठी: ग्राम पंचायत ठेंगहा में इंटरलॉकिंग कार्य में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी संजय चौहान ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीएम ने ग्राम पंचायत ठेंगहा की प्रशासक सुदामा देवी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरकारी धनराशि की वसूली के आदेश जारी किए हैं। मामले में कुल 1,61,198 रुपये की धनराशि वसूल किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले की शिकायत आशीष तिवारी पुत्र शेषधर तिवारी, अनिल पांडेय पुत्र शिवमूर्ति पांडेय समेत अन्य ग्रामीणों ने की थी। शिकायत में ग्राम पंचायत में कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया गया था। शिकायत के बाद संबंधित कार्य की जांच कराई गई। जांच के दौरान कार्य से जुड़े अभिलेखों और मौके की स्थिति का परीक्षण किया गया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार पारसनाथ सिंह के खेत से नरेंद्र सिंह के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य प्रस्तावित था। हालांकि, प्रस्तावित स्थान के बजाय दूसरे स्थान पर इंटरलॉकिंग कार्य कराए जाने की बात जांच में सामने आई। इसके अलावा कार्य में इस्तेमाल की गई कुछ ईंटों के गायब होने तथा कार्य की प्राथमिकता दर्ज नहीं किए जाने जैसी अनियमितताओं का भी उल्लेख जांच रिपोर्ट में किया गया।
मामले में ग्राम पंचायत की प्रशासक सुदामा देवी की ओर से अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया। स्पष्टीकरण में बताया गया कि संपर्क मार्ग की स्थिति खराब होने के कारण ग्रामीणों की मांग पर इंटरलॉकिंग कार्य कराया गया था। साथ ही तकनीकी समस्या के कारण वर्क आईडी नहीं बन पाने की बात भी कही गई। हालांकि जांच के बाद प्रशासक की ओर से प्रस्तुत स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना गया।
जांच दस्तावेजों के अनुसार इंटरलॉकिंग कार्य पर कुल 3,22,396 रुपये की धनराशि खर्च की गई थी। जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर जिलाधिकारी संजय चौहान ने 1,61,198 रुपये की वसूली के निर्देश दिए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि धनराशि की वसूली भू-राजस्व की भांति की जाएगी।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं खंड विकास अधिकारी संग्रामपुर को आदेश की प्रति उपलब्ध कराने और आवश्यक विभागीय कार्रवाई पूरी कराने को कहा गया है। ग्राम पंचायत ठेंगहा में विकास कार्य से जुड़ी इस कार्रवाई के बाद मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।