बृजेश मिश्रा, अमेठी: भारतीय स्टेट बैंक की विभिन्न शाखाओं से करीब 6.40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एसबीआई अमेठी शाखा के मुख्य प्रबंधक राहुल सिंह की तहरीर पर मुसाफिरखाना स्थित राजीव गांधी पॉलीटेक्निक एवं ग्रामोद्योग सेवा संस्थान से जुड़े कर्मचारियों समेत 12 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
64 ऋण खातों में खेल
मुख्य प्रबंधक के मुताबिक एसबीआई की अमेठी शाखा के 11 ऋण खातों समेत विभिन्न शाखाओं में कुल 64 ऋण खातों के जरिए कथित तौर पर धोखाधड़ी की गई। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि बैंक की किन-किन शाखाओं से कितनी रकम की धोखाधड़ी हुई।
फर्जी नियुक्ति पत्र से लेते थे ऋण
आरोप है कि फर्जी कर्मचारियों के नाम पर नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची और फार्म-16 तैयार कर बैंक में प्रस्तुत किए जाते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर संबंधित लोगों के नाम एक्सप्रेस क्रेडिट ऋण स्वीकृत कराया जाता था। कुछ समय तक ईएमआई जमा करने के बाद ऋण खातों को एनपीए करा दिया जाता था।
आंतरिक जांच में खुला मामला
बैंक की आंतरिक जांच और एनपीए खातों के दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची समेत अन्य कागजात फर्जी पाए गए। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ। तहरीर में राजीव गांधी पॉलीटेक्निक के प्रबंधक, प्रधानाचार्य, निदेशक, कार्यालय सहायक और सहायक समेत 12 लोगों को नामजद किया गया है।
दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस
एसपी सरवणन टी ने बताया कि धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों द्वारा बैंक में प्रस्तुत दस्तावेजों और ऋण खातों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।