स्वदेशी जागरण मंच ने अमेरिकी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक को भारत में वाणिज्यिक सेवाएं शुरू करने की अनुमति देने का विरोध किया है। संगठन ने राष्ट्रीय सुरक्षा, भारतीय डेटा की गोपनीयता और इंटरनेट सेवाओं पर सरकारी नियंत्रण से जुड़े मुद्दे उठाते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। मंच ने मांग की है कि जब तक कंपनी भारतीय डेटा की सुरक्षा और सरकारी निर्देशों पर सेवा बंद करने की लिखित गारंटी नहीं देती, तब तक उसे व्यावसायिक अनुमति नहीं दी जाए।
राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
स्वदेशी जागरण मंच के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट तकनीक से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े हो सकते हैं। संगठन का दावा है कि कंपनी की इंटर-सैटेलाइट लिंक तकनीक भारतीय गेटवे और निगरानी व्यवस्था को बायपास कर सकती है। इससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए संचार पर निगरानी और आवश्यक अवरोधन करना मुश्किल हो सकता है।मंच ने यह भी आशंका जताई कि दंगा, आतंकवादी गतिविधियों या किसी आपात स्थिति के दौरान सरकार के निर्देश पर इंटरनेट सेवा बंद करने की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट गारंटी जरूरी है।
अंडमान-निकोबार और मणिपुर का भी किया उल्लेख
ज्ञापन में अंडमान-निकोबार और मणिपुर में कथित तौर पर अवैध सैटेलाइट इंटरनेट टर्मिनल मिलने का उल्लेख किया गया है। संगठन का कहना है कि ऐसे मामलों को राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से गंभीरता से देखने की जरूरत है।मंच ने यूक्रेन, ईरान और सूडान समेत कई देशों के अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं का नियंत्रण संबंधित कंपनी के पास रहने से सरकारों के सामने चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने की मांग
स्वदेशी जागरण मंच ने भारत की तकनीकी क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने दूरसंचार और अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी क्षमताएं साबित की हैं। ज्ञापन में हुआवेई पर लगाए गए प्रतिबंधों, स्वदेशी 5G तकनीक के विकास और PSLV, चंद्रयान तथा गगनयान जैसे अभियानों का उदाहरण दिया गया है।संगठन का मानना है कि भारत को सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में भी स्वदेशी विकल्प विकसित करने और घरेलू कंपनियों को प्रोत्साहित करने पर ध्यान देना चाहिए।
ज्ञापन में रखीं तीन प्रमुख मांगें
स्वदेशी जागरण मंच ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार से तीन मांगें रखी हैं। इनमें भारतीय यूजर्स का डेटा देश में सुरक्षित रखने और सरकारी आदेश पर सेवा बंद करने की लिखित गारंटी मिलने तक स्टारलिंक को व्यावसायिक अनुमति नहीं देने की मांग शामिल है।इसके अलावा संगठन ने ज्ञापन को केंद्रीय दूरसंचार मंत्री, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने की अपील की है। मंच ने सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और विकल्पों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है।ज्ञापन के अंत में स्वदेशी जागरण मंच, मालवा प्रांत की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।