बृजेश कबीर, हरदोई: कछौना कोतवाली क्षेत्र के रैसो गांव की जमीन के बैनामे को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष महेंद्र सोनी की शिकायत पर हुई एंटी फ्रॉड जांच के बाद एहसान और मुन्ने के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। सोनी का आरोप है, उन्हें रोड साइड की जमीन का सौदा बताकर पीछे की भूमि का बैनामा करा दिया गया। वहीं, इससे पहले एहसान ने सोनी समेत नौ लोगों पर दस्तावेजों में हेराफेरी कर करीब 1.25 करोड़ रुपये की जमीन हड़पने का आरोप लगाया था।
पहले शिकायतकर्ता, अब खुद कानून के कठघरे में
रैसो के एहसान ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था, वर्ष 2024 में भूमि का सौदा 1.25 करोड़ रुपये में तय हुआ था। फिर, 11 माह का पंजीकृत इकरारनामा कराने की बात कहकर दस्तावेज तैयार कराने और बाद में बैनामे के कागजात में कथित हेराफेरी का आरोप लगाया गया था। एहसान के मुताबिक, 28 अगस्त 2025 को सण्डीला रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामा कराया गया। सौदे के एवज में 20 लाख रुपये नकद और शेष रकम के लिए चेक दिए जाने की बात कही गई थी। 87 लाख रुपये की चेक बाउंस होने का भी आरोप लगाया गया था।
एक पन्ना बदलने का भी लगाया था आरोप
एहसान ने शिकायत में आरोप लगाया था, बाद में दस्तावेज का एक पृष्ठ बदलकर भूमि का बिक्री मूल्य 15 लाख रुपये दर्शा दिया गया। इसके अलावा एक सितंबर 2025 को तहसील सण्डीला में धमकाने और बाद में आरोपियों के घर पहुंचकर 19.50 लाख रुपये ले जाने का भी आरोप लगाया गया था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सोनी बोले- रोड साइड बता किया पीछे की जमीन का बैनामा
महेंद्र कुमार सोनी ने एहसान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, उन्होंने रैसो में रोड साइड की भूमि का सौदा किया था, लेकिन संबंधित लोगों ने उन्हें पीछे की भूमि का बैनामा कर दिया। उनका कहना है, जब उन्होंने मामले की पुलिस अधीक्षक से शिकायत की तो एंटी फ्रॉड टीम से जांच कराई गई। सोनी के अनुसार जांच के बाद एहसान और मुन्ने के खिलाफ धारा 420 में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। आरोप लगाया, जमीन के विवाद से पीछे हटने के लिए उन पर दबाव बनाने और उनकी सामाजिक छवि खराब करने के उद्देश्य से लगातार शिकायतें की जा रही थीं।
जांच के बाद सामने आएगा दस्तावेजों का सच
मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस स्तर पर एंटी फ्रॉड जांच के बाद मुकदमे की कार्रवाई हुई है। अब बैनामे में दर्ज भूमि का विवरण, दस्तावेजों की वास्तविकता और रकम के लेनदेन से जुड़े तथ्यों की जांच अहम होगी। अंतिम स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
एक नजर में पूरा मामला
28 अगस्त 2025- सण्डीला रजिस्ट्री कार्यालय में भूमि का बैनामा।
एहसान का आरोप- दस्तावेजों में हेराफेरी कर बिक्री मूल्य कम दिखाया गया।
सोनी का आरोप- रोड साइड की जमीन के मुकदमे का आदेश।
अब आगे- दस्तावेजों और भूमि के वास्तविक विवरण की जांच से विवाद की असली तस्वीर साफ होगी।