रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गति शक्ति विश्वविद्यालय का किया दौरा, छात्रों से जाना पढ़ाई और इंटर्नशिप का अनुभव
वडोदरा। देश की युवा Gen-Z पीढ़ी को भविष्य के रोजगार और तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करने की दिशा में गति शक्ति विश्वविद्यालय तेजी से अपना दायरा बढ़ा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वडोदरा स्थित GSV का दौरा कर नए एकेडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर का जायजा लिया और छात्रों से सीधे संवाद किया।वैष्णव ने नई एकेडमिक बिल्डिंग का निरीक्षण किया, जिसमें 142 सीटों वाला लेक्चर थिएटर और 520 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम शामिल है। उन्होंने कक्षाओं का जायजा लेने के साथ छात्रों और फैकल्टी सदस्यों से बातचीत की।
‘डिग्री के साथ कम्युनिकेशन स्किल भी जरूरी’
छात्रों से बातचीत के दौरान रेल मंत्री ने उनके पढ़ाई के सफर, अनुभव और इंटर्नशिप के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जोर दिया कि Gen-Z के युवाओं के लिए केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता यानी कम्युनिकेशन स्किल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
GSV का मॉडल इसी बदलती जरूरत के अनुरूप टेक्नोलॉजी, स्किल और इंडस्ट्री एक्सपोजर को एक साथ जोड़ने पर केंद्रित है। ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स जैसे तेजी से बदलते क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीकों की बढ़ती भूमिका को देखते हुए विश्वविद्यालय युवाओं को भविष्य के कार्यक्षेत्र के लिए तैयार कर रहा है।
कैंपस से करियर तक ‘फ्यूचर रेडी’ Gen-Z
गति शक्ति विश्वविद्यालय को संसद के अधिनियम के तहत परिवहन और लॉजिस्टिक्स शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित किया गया है। विश्वविद्यालय का इंटरडिसिप्लिनरी और डिमांड-ड्रिवन करिकुलम छात्रों को अकादमिक ज्ञान के साथ वास्तविक क्षेत्र की जरूरतों से जोड़ता है।रेल मंत्री का छात्रों से सीधा संवाद इसी सोच को रेखांकित करता है कि नई पीढ़ी सिर्फ नौकरी तलाशने वाली नहीं, बल्कि भविष्य के परिवहन, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर को नेतृत्व देने वाली पीढ़ी बने।
वैष्णव ने छात्रों को कैंपस के जल्द होने वाले उद्घाटन की जानकारी भी दी। GSV के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल-बेस्ड लर्निंग मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम के दौरान भी विश्वविद्यालय का उल्लेख किया था।