रोहतक: Bharatiya Janata Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को रोहतक में छोटू राम पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान से डी पार्क, मॉडल टाउन तक ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत मार्च का नेतृत्व किया। पदयात्रा के पश्चात राष्ट्रीय अध्यक्ष ने डी पार्क स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और विशाल जनसमूह को संबोधित किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और जनादेश का सम्मान करना है। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग पर निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाया। साथ ही, 1984 के सिख नरसंहार के लिए कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की और राहुल गांधी पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
इस अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रणवीर गंगवा, डॉक्टर अरविंद शर्मा, राज्य सभा सदस्य सुभाष बराला, हिसार जिले से नलवा विधायक रणधीर पनिहार, हांसी विधायक विनोद भयाना, पूर्व चेयरमैन सतवीर वर्मा, हरियाणा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी, हरियाणा की प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी, सह-प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव डॉ. भोला सिंह सहित अन्य नेतागण उपस्थित रहे।
नितिन नवीन ने कहा कि यह पदयात्रा देश के लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए है। इस यात्रा में भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ताओं ने जो एक-एक कदम बढ़ाया है, वह देश के लोकतंत्र की ताकत को मजबूत करने के लिए है। आज हरियाणा का स्थापना दिवस है और इस अवसर पर हम पूरे हरियाणा वासियों को बहुत-बहुत बधाई देते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दिल्ली से लेकर कई राज्यों में एनडीए की सरकार है, तब लोकतंत्र को बचाने की आवश्यकता क्यों पड़ती है? उन्होंने कहा कि जब विपक्ष जनता के मत और जनादेश का अपमान करता है, तब कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र की आवाज बनते हैं।
1 नवंबर के संदर्भ में उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 1984 में सिख भाइयों के साथ जो घिनौना व्यवहार हुआ और कत्लेआम हुआ, उसके लिए कांग्रेस को प्रायश्चित करना चाहिए था और माफी मांगनी चाहिए थी, लेकिन आज कांग्रेस प्रदर्शन करने निकली है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को जनता का जनादेश नहीं मिला, जिसके कारण वह निराशा और हताशा में है और अपनी इस स्थिति का दोष संवैधानिक संस्थानों पर मढ़ रही है।
नितिन नवीन ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस के नेताओं में ताकत है, तो उन्हें सबसे पहले पार्टी के भीतर राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे राजतंत्र को समाप्त करके लोकतंत्र लागू करना चाहिए। कांग्रेस में केवल एक परिवार का शासन चलता है। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग की विरासत पूरी तरह कांग्रेस की रही है।
13 करोड़ वोटों के विवाद पर उन्होंने कहा कि एनडीए का कार्यकर्ता राहुल गांधी को इसका एक-एक हिसाब दे सकता है। इनमें ढाई करोड़ लोग ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, छह करोड़ लोग वे हैं जो एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले गए हैं, और तीन करोड़ घुसपैठिए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस मृत लोगों और घुसपैठियों के नामों को मतदाता सूची में बचाना चाहती है? जब तक भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ता मौजूद हैं, तब तक घुसपैठियों को देश से बाहर करने का प्रयास जारी रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस को देश के 140 करोड़ लोगों पर विश्वास नहीं है, बल्कि तीन करोड़ घुसपैठियों पर भरोसा है। जब कांग्रेस हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में जीतती है, तो लोकतंत्र की जीत बताती है, लेकिन हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल में हारने पर उसे लोकतंत्र खतरे में नजर आने लगता है। यह उसकी दोहरी मानसिकता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और हरियाणा लगातार आगे बढ़ रहे हैं और वर्ष 2029 में नरेंद्र मोदी एक बार फिर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। रोहतक से उठी इस आवाज और लोगों का उत्साह सराहनीय बताते हुए उन्होंने अराजकतावादी सोच को करारा जवाब देने का आह्वान किया।