सुरेंद्र प्रसाद/न्यूज़11 भारत
बोकारो/डेस्क: बोकारो में सेक्टर-12E के जर्जर आवासों को लेकर सामने आई खबर के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है. बोकारो उपायुक्त ने सेक्टर-12E में आवास गिरने की घटना पर संज्ञान लेते हुए चास एसडीएम प्रांजल ढांडा को पूरे मामले की जांच का निर्देश दिया है. साथ ही 72 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
उपायुक्त के निर्देश के बाद चास एसडीएम प्रांजल ढांडा आज सेक्टर-12E पहुंचीं और मौके का निरीक्षण किया. उन्होंने प्रभावित आवासों और आसपास के इलाकों का जायजा लिया, साथ ही स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं. स्थानीय लोगों ने बताया कि इन आवासों की कई वर्षों से मरम्मत नहीं हुई है. लोगों का कहना है कि जिन आवासों में वे रह रहे हैं, उनकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है.
जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण बात भी सामने आई. एसडीएम के मुताबिक, जो आवास गिरा है, वह BSL की डैमेज लिस्ट में शामिल नहीं था. वहीं, आसपास के कुछ ऐसे आवास भी हैं जिन्हें डैमेज लिस्ट में रखा गया था और वहां भी आवासीय ढांचे को नुकसान पहुंचा है.
एसडीएम ने कहा कि पूरे मामले को लेकर BSL प्रबंधन से बातचीत की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की जाएगी.
वहीं, स्थानीय लोगों की एक बड़ी शिकायत BSL के मेंटेनेंस सिस्टम को लेकर भी है. लीजधारी और लाइसेंसधारी आवासधारियों का कहना है कि उन्हें अपने स्तर से BSL में मेंटेनेंस की शिकायत करने की सुविधा नहीं मिलती, जबकि वे मेंटेनेंस के लिए शुल्क देते हैं. यह मामला सिर्फ सेक्टर-12E के दो ब्लॉकों तक सीमित नहीं है. बोकारो में समय-समय पर जर्जर BSL आवासों के गिरने और उनकी खराब स्थिति की खबरें सामने आती रही हैं.
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