संदीप बरनवाल/न्यूज़11भारत
गावां/डेस्क: गावां प्रखंड के सेरुआ पंचायत में एक किराना दुकान में सरकारी चावल रखे जाने का मामला सामने आया है. स्थानीय लोगों ने सेरुआ स्थित रोहित जनरल स्टोर की दुकान में करीब 25 बोरी सरकारी चावल रखे होने का आरोप लगाया है. मामले की जानकारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को दिए जाने के बाद विभागीय स्तर से जांच की बात सामने आई है. बताया जाता है कि शिकायत मिलने के बाद प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी चांदनी कुमारी जांच के लिए संबंधित दुकान पर पहुंचीं. हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी के पहुंचने से पहले ही दुकान से चावल के बोरे हटा दिए गए थे. इससे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.
इधर, मामले से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो मनोज यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. वीडियो में दुकान के अंदर चावल के बोरे दिखाई दे रहे हैं, जिन पर सरकारी विभाग से संबंधित चिन्ह नजर आ रहा है. मनोज यादव ने आरोप लगाया है कि रोहित जनरल स्टोर में करीब 25 बोरी सरकारी चावल रखा गया था और उन्होंने इसका वीडियो बतौर साक्ष्य पोस्ट किया है. वीडियो में दुकान संचालक की ओर से यह कहते हुए सुना जा रहा है कि जिस व्यक्ति ने उसे चावल दिया था, वह चावल वापस कर चुका है.
जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष ने कहा विद्यालय का है चावल
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है. जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष अजय सिंह ने मामले पर टिप्पणी करते हुए वीडियो में दिखाई दे रहे चावल को विद्यालयों को मिलने वाला सरकारी चावल बताया है. हालांकि, इस दावे की भी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है.
यदि चावल विद्यालयों के लिए आवंटित सरकारी खाद्यान्न पाया जाता है, तो उसका निजी किराना दुकान तक पहुंचना गंभीर जांच का विषय होगा. ऐसे में यह पता लगाना जरूरी होगा कि चावल किस योजना या मद का था, किसके लिए आवंटित किया गया था और वह दुकान तक कैसे पहुंचा.
अधिकारी का पक्ष नहीं मिल सका
मामले में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी चांदनी कुमारी से संपर्क कर जांच और आगे की कार्रवाई की जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला. इस कारण विभाग की ओर से मामले में की गई कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी.
फिलहाल ग्रामीणों के आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष की टिप्पणी के बाद मामला चर्चा में है. अब विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दुकान में रखा चावल सरकारी खाद्यान्न था या नहीं और यदि था, तो वह वहां तक कैसे पहुंचा.
यह भी पढ़ें: बहरागोड़ा सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत, परिजनों में मची चीख-पुकार