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रांची/डेस्क: 8.86 एकड़ कथित जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और जमीन के रैयत रामकुमार पाहन के आरोप गठन के बिंदु पर आज शनिवार को सुनवाई हुई. मामला पीएमएलए की विशेष अदालत में सूचीबद्ध था, लेकिन दोनों की ओर से समय मांगे जाने के बाद आरोप गठन पर सुनवाई टल गई थी. दोनों पक्षों ने अपनी डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में दाखिल अपील याचिका की सुनवाई लंबित होने का हवाला दिया.
अब दोनों के आरोप गठन के बिंदु पर अगली निर्धारित तिथि को सुनवाई होगी. पीएमएलए कोर्ट द्वारा डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और रामकुमार पाहन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है. बताते चलें इस मामले में बाकी आरोपियों के खिलाफ आरोप पहले ही गठित किए जा चुके हैं.
मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा बड़ागाईं अंचल के तत्कालीन उप राजस्वकर्मी भानु प्रताप प्रसाद, जेएमएम नेता अंतू तिर्की समेत कई जमीन कारोबारी आरोपी हैं. ईडी ने कथित जमीन फर्जीवाड़े की जांच के दौरान कई ठिकानों पर छापेमारी की थी और कई अहम साक्ष्य मिलने का दावा किया था. जांच पूरी करने के बाद ईडी ने आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. मामले में गिरफ्तार आरोपियों को बाद में अदालत से जमानत मिल चुकी है.