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धनबाद/डेस्क: जिले में भू-धंसान की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. कतरास क्षेत्र के छाताबाद में कल बुधवार को एक बार फिर तेज आवाज के साथ जमीन धंस गई. काजू बागान स्थित तालाब के समीप हुए इस भू धंसान के बाद जमीन के बीचों-बीच बड़ा गोफ बन गया है. हैरानी की बात यह है कि भू धंसान स्थल के समीप स्थित बड़े तालाब का पानी तेजी से जमीन के अंदर समाने लगा. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गयी. लोगों में दहशत का माहौल है.
खास बात यह है कि छाताबाद में 20 दिनों तक चले 'आशियाना आंदोलन' की समाप्ति के महज दूसरे दिन ही यह नई भू-धंसान की घटना सामने आई है. घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए. लोगों का कहना है कि जिस तरह से लगातार भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं, उससे पूरे इलाके के भविष्य को लेकर भय का माहौल बना हुआ है.
बता दें कि इससे पहले 7 अगस्त को छाताबाद में बड़ी भू-धंसान की घटना हुई थी, जिसमें करीब 20 घर जमींदोज हो गए थे. इसके बाद प्रभावित लोगों ने मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आशियाना आंदोलन शुरू किया था. यह आंदोलन करीब 20 दिनों तक चला. बाद में मंत्री हफीजुल हसन की अगुवाई में त्रिपक्षीय वार्ता हुई, जिसके बाद आंदोलन समाप्त किया गया. लेकिन आंदोलन समाप्त होने के दूसरे ही दिन कल बुधवार को एक बार फिर भू-धंसान की घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
स्थानीय निवासी अफसर उर्फ छोटू ने कहा कि छाताबाद लगातार भू-धंसान की घटनाओं से गुजर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक इलाके की स्थिति को लेकर ठोस कार्रवाई और सर्वे शुरू नहीं किया गया है. उनका कहना है कि तालाब का पानी लगातार गोफ में समा रहा है, जिससे भविष्य में आसपास के इलाकों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है. उन्होंने छाताबाद के लोगों से एकजुट होकर इलाके को बचाने के लिए आगे आने की अपील की और बीसीसीएल से जल्द सर्वे कराकर खतरे वाले क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षा और बचाव कार्य शुरू करने की मांग की.
इधर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
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