न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: नाबार्ड, झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा आयोजित ग्रामीण भारत महोत्सव झारखंड 2026 का शुभारंभ आज GBR, रेडिसन ब्लू, रांची में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह द्वारा किया गया. महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए ग्रामीण कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और ग्रामीण उद्यमों द्वारा निर्मित हस्तकरघा, हस्तशिल्प एवं अन्य गुणवत्तापूर्ण ग्रामीण उत्पादों को एक ही छत के नीचे प्रदर्शित किया गया है.
इस अवसर पर संबोधित करते हुए दीपिका पांडेय सिंह ने ग्रामीण विकास एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में नाबार्ड द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की. उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण कारीगरों तथा जीआई-टैग प्राप्त उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए नाबार्ड की पहलों की विशेष रूप से प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ देश की समृद्ध पारंपरिक कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास का वास्तविक उद्देश्य ग्रामीण समुदायों के लिए स्थायी एवं अतिरिक्त आय के अवसर सृजित करना है. उन्होंने कारीगरों और उपभोक्ताओं के बीच सीधे संपर्क की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंचों के माध्यम से कारीगर अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं और उन्हें अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकता है. उन्होंने पारंपरिक कौशल को व्यापक बाजारों से जोड़ने के साथ-साथ उत्पादों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया.
दीपमाला घोष, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, झारखंड ने कहा कि यह महोत्सव ग्रामीण उत्पादकों के लिए मजबूत बाजार संपर्क विकसित करने की दिशा में नाबार्ड के प्रयासों का हिस्सा है. उन्होंने जीआई-टैग प्राप्त उत्पादों के प्रोत्साहन तथा कारीगरों एवं स्वयं सहायता समूहों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने के लिए मंच उपलब्ध कराने की दिशा में नाबार्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित होने वाले ग्रामीण भारत महोत्सव भारत के विविध ग्रामीण उत्पादों को व्यापक उपभोक्ता वर्ग तक पहुंचाने और पारंपरिक कौशल को स्थायी आजीविका में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
नंदिनी गुप्ता, कार्यकारी निदेशक, रेडिसन ब्लू, रांची ने पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ग्रामीण कारीगरों को ऐसे मंच उपलब्ध कराना आवश्यक है, जहां उन्हें व्यापक पहचान मिले और वे नए उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ सकें.
महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के कारीगरों एवं ग्रामीण उत्पादकों के स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें विविध प्रकार के हस्तकरघा, हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं. आगंतुक इन उत्पादों को सीधे कारीगरों एवं उत्पादक समूहों से खरीद सकते हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका को प्रत्यक्ष समर्थन मिलेगा.
ग्रामीण भारत महोत्सव झारखंड का आयोजन 11 से 20 सितंबर 2026 तक GBR, रेडिसन ब्लू, रांची में किया जा रहा है. ‘हुनर से समृद्धि तक’ की भावना के साथ यह महोत्सव भारत की पारंपरिक कला एवं शिल्प को बाजार, उपभोक्ताओं और सतत ग्रामीण समृद्धि से जोड़ने का प्रयास है.
यह भी पढ़ें- नाबालिग से रेप के दोषी की सजा बरकरार, हाई कोर्ट बोला - पीड़िता की गवाही भरोसेमंद तो स्वतंत्र गवाह जरूरी नहीं