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रांची/डेस्क: झारखंड में 2022 से राज्य मानवाधिकार आयोग के चेयरपर्सन का पद खाली है. अध्यक्ष और अन्य पदों के खाली रहने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है. 2022 से आयोग प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहा है और करीब 4 वर्षों से चेयरपर्सन और सदस्यों के पद रिक्त हैं. सरकार ने कहा कि चेयरपर्सन और सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है. इसपर कोर्ट ने कहा कि सिर्फ मामला विचाराधीन होना पर्याप्त नहीं है. रिक्त पदों को भरने के लिए स्पष्ट कदम उठाने का निर्देश दिया गया. आयोग को पूरी तरह कार्यशील बनाने के लिए जरूरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया है. साथ ही सपोर्टिंग स्टाफ की व्यवस्था करने को भी कहा गया है.
हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव पर अनुपालन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी डाली है. मुख्य सचिव को खुद हाई कोर्ट के निर्देशों अनुपालन करना होगा. मामले में सरकार को 8 जनवरी तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है. अगली सुनवाई में आयोग के गठन और कार्यशील बनाने की कार्रवाई की समीक्षा होगी. 15 जनवरी को मामले के अनुपालन को लेकर सुनवाई होगी. बता दें कि जनहित याचिका शशि सागर वर्मा की ओर से दाखिल की गई थी. हाई कोर्ट ने मामले में दाखिल याचिका को निष्पादित किया. मामले की सुनवाई न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ में सुनवाई हुई.