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रांची/डेस्क: एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) के कोलकाता ज़ोनल ऑफिस-II ने 07 सितंबर से 09 सितम्बर के बीच प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत कोलकाता, रांची और नई दिल्ली में नौ जगहों पर तलाशी ली. ये जगहें M/s अख़बार-ए-मशरिक़ प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों और डायरेक्टरों से जुड़ी थीं. तलाशी के दौरान जिन लोगों/कंपनियों की जगहों की जांच की गई, उनमें अख़बार-ए-मशरिक़ प्राइवेट लिमिटेड, M/s क्रेयॉन्स एडवरटाइजिंग और M/s मशरिक़ मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के ऑफिस और TMC सांसद मो. नदीमुल हक व अन्य के घर शामिल हैं.
ED की जांच बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा M/s अख़बार-ए-मशरिक़ प्राइवेट लिमिटेड (उर्दू दैनिक समाचार पत्र "अख़बार-ए-मशरिक़" के प्रकाशक) और अन्य के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई थी. आरोप था कि अखबार और सोशल मीडिया/डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री छापी और फैलाई गई, साथ ही खातों में संदिग्ध लेनदेन के आरोप भी थे.
ED की जांच से पता चला कि M/s अख़बार-ए-मशरिक़ प्राइवेट लिमिटेड के कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), ICICI बैंक और J&K बैंक में कई बैंक खाते थे, जिनमें कुल मिलाकर 60 करोड़ रुपये से ज़्यादा नकद जमा किए गए थे. कर्नाटक बैंक में मौजूद तीन खाते, जिनमें लगभग 5.60 करोड़ रुपये नकद जमा किए गए थे, बाद में कंपनी ने बंद कर दिए. खातों की जांच से यह भी पता चला कि संदिग्ध स्रोतों से बिटकॉइन खरीदने के लेनदेन किए गए थे, जिनका कोई स्पष्ट व्यावसायिक कारण नहीं था.
ED की जांच में यह भी पता चला कि M/s अख़बार-ए-मशरिक़ प्राइवेट लिमिटेड अपने अखबार की छपी हुई प्रतियों की संख्या असल संख्या से कहीं ज़्यादा बता रही थी, ताकि सर्कुलेशन के आंकड़ों को गलत तरीके से पेश किया जा सके और ज़्यादा विज्ञापन राजस्व हासिल किया जा सके.
तलाशी अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस, जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड ड्राइव जब्त किए गए. इसके अलावा, M/s अख़बार-ए-मशरिक़ प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते, जिनमें... रुपये का बैलेंस था... लगभग 5.25 करोड़ रुपये भी फ्रीज़ कर दिए गए हैं. आगे की जांच चल रही है.