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रांची/डेस्क: अवैध रेत खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी अनिल कुमार को कोर्ट का झटका मिला है. पीएमएलए की विशेष कोर्ट ने डिस्चार्ज याचिका खारिज की. मामले में आरोपियों पर आरोप गठित होना है. खुद पर लगे आरोप को मुक्त करने के लिए आरोपियों द्वारा डिस्चार्ज याचिका की गई है. मामले में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बेटे अंकित राज समेत 7 को चार्जशीटेड आरोपी बनाया है. ईडी ने अपनी जांच में पाया था कि अंकित राज ने 2019 में अपने खनन लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद भी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अवैध रूप से खनन जारी रखा. हाहारो, प्लांडु और दामोदर नदियों से अवैध रूप से रेत निकालना और बेचना जारी रखा.
ईडी का आरोप है कि 'सिंडिकेट ने अवैध काम के जरिए हुई कमाई को सफेद करने के लिए एक खास तरीका अपनाया. अवैध रूप से खनन की गई रेत को आरोपी अपने सहयोगियों के लाइसेंस प्राप्त यार्डों में भेज देते थे और वैध स्टॉक के साथ मिलाकर बेचते थे. इस तरह वैधानिक नियमों की अवहेलना करके आपराधिक आय अर्जित की और नकदी जमा करने के साथ ही वित्तीय लेनदेन के एक जटिल नेटवर्क के माध्यम से अवैध धन को सफेद किया गया. ईडी की जांच के अनुसार, अवैध रेत खनन करके सिंडिकेट ने 3.12 करोड़ रुपए की आपराधिक आय अर्जित की. ईडी अंकित राज की 28 अचल संपत्तियों और दो फिक्स्ड डिपॉजिट समेत 3.02 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क कर चुकी हैं. ईडी ने मामले में दो बार छापेमारी भी की थी.
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