बृजेश कबीर, हरदोई: उत्तर प्रदेश ब्लॉक प्रमुख संघ के प्रतिनिधिमंडल ने हरदोई के सवायजपुर से भाजपा विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह ‘रानू’ संग उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से भेंट की। प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह सेनानी ने पंचायतों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और ब्लॉक प्रमुखों के सामने आ रही समस्याओं को लेकर मांगपत्र सौंपा। कहा है, पंचायती राज विभाग की ओर से ब्लॉक स्तर पर किए जा रहे दोहरे निरीक्षण एवं नियंत्रण की व्यवस्था से ब्लॉक प्रमुखों और क्षेत्र पंचायतों के कामकाज में अनावश्यक प्रशासनिक दिक्कतें पैदा हो रही हैं। इससे क्षेत्र पंचायतों की कार्यप्रणाली प्रभावित होने संग निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों को लेकर भी असमंजस की स्थिति बन रही है।
प्रमुखों के अधिकार-दायित्व स्पष्ट रहें, कार्यों में अनावश्यक न आए अड़चन : सेनानी
ब्लॉक प्रमुख संघ प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह सेनानी ने विभाग की ओर से जारी आदेश का हवाला देते हुए वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर पूर्व में लागू व्यवस्था को बहाल करने की मांग की है। संघ का कहना है, क्षेत्र पंचायतों के कार्यों और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में निर्वाचित ब्लॉक प्रमुखों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में निरीक्षण और प्रशासनिक नियंत्रण की व्यवस्था इस प्रकार होनी चाहिए, जिससे जनप्रतिनिधियों के अधिकार और दायित्व स्पष्ट रहें तथा विकास कार्यों में अनावश्यक अड़चन न आए।
अफसरों के अतिरिक्त निरीक्षण पर भी आपत्ति
मांगपत्र में ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की ओर से किए जा रहे निरीक्षण और कार्यवाही को लेकर भी चिंता जताई गई है। संघ ने कहा, पंचायतों के कार्यों की निगरानी के लिए पहले से निर्धारित प्रशासनिक व्यवस्था मौजूद है। इसके बावजूद अतिरिक्त स्तर से निरीक्षण होने पर क्षेत्र पंचायतों और ब्लॉक प्रमुखों के सामने व्यवहारिक समस्याएं खड़ी हो रही हैं।
सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का दिया हवाला
प्रतिनिधिमंडल ने कहा, सरकार की मंशा पारदर्शी एवं प्रभावी प्रशासन की है। विकास कार्यों को गति देने के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। इसलिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें ब्लॉक प्रमुखों के अधिकारों का सम्मान करते हुए विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी भी सुनिश्चित हो सके। ब्लॉक प्रमुख संघ ने उपमुख्यमंत्री से मांगों पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया। कहा, ब्लॉक प्रमुख क्षेत्र पंचायतों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग करते रहेंगे और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी सहभागिता निभाएंगे।
ब्लॉक प्रमुख संघ ने तत्काल मांगी मजदूरी और सामग्री मद की लंबित धनराशि
ब्लॉक प्रमुख संघ ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सामने मनरेगा के लंबित भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। कहा, मजदूरी और सामग्री मद का भुगतान समय से न होने पर ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य प्रभावित होते हैं और सीधा असर मजदूरों, कार्यदायी संस्थाओं तथा सामग्री आपूर्तिकर्ताओं पर पड़ता है। बताया, मनरेगा में भुगतान लंबित रहने की समस्या प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आम है।
मजदूरी के साथ सामग्री भुगतान भी महत्वपूर्ण
मनरेगा में केवल मजदूरों की मजदूरी ही नहीं, बल्कि अनुमन्य सामग्री और प्रशासनिक मद से जुड़े भुगतान भी योजना के क्रियान्वयन का हिस्सा हैं। केंद्र सरकार ने भी मनरेगा की लंबित देनदारियों को मजदूरी, सामग्री और प्रशासनिक घटकों में अलग-अलग दर्ज किया है। ऐसे में ब्लॉक प्रमुख संघ की मांग है, क्षेत्र पंचायतों के स्तर पर मनरेगा के जिन कार्यों का भुगतान लंबित है, उनका शीघ्र निस्तारण कराया जाए, ताकि गांवों में विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो और संबंधित श्रमिकों तथा सामग्री आपूर्तिकर्ताओं को समय से भुगतान मिल सके।
1980 से पहले के कार्यालयों के पुनर्निर्माण की भी मांग
प्रमुख संघ ने ऐसे विकास खंड कार्यालयों का मुद्दा भी उठाया है, जो वर्ष 1980 से पहले या आसपास निर्मित हुए। मांग की है, पुराने और जर्जर हो चुके कार्यालय भवनों का सर्वे कराकर आवश्यकतानुसार नए भवन अथवा निर्माण कार्य सुनिश्चित किए जाएं। संघ का तर्क है, दशकों पुराने भवनों में मौजूदा प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं नहीं होने से कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को परेशानी होती है। इसलिए पुराने विकासखंड कार्यालयों की स्थिति का तकनीकी आकलन कराकर प्राथमिकता के आधार पर निर्माण अथवा पुनर्निर्माण कराया जाना चाहिए।
मांगों को विकास व्यवस्था से जोड़ा
ब्लॉक प्रमुख संघ ने दोनों मुद्दों को केवल ब्लॉक प्रमुखों की सुविधा का विषय न बताते हुए ग्रामीण विकास की कार्यप्रणाली से जोड़ा है। संघ का कहना है, मनरेगा भुगतान समय से होने और ब्लॉक कार्यालयों की आधारभूत सुविधाएं बेहतर होने से विकास कार्यों के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी।