बृजेश कबीर,हरदोई: संडीला क्षेत्र के चर्चित दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन बाल अपचारियों को अभिरक्षा में लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) सुबोध गौतम के अनुसार, वारदात की मुख्य वजह एक बाल अपचारी की बहन और मृतक अरुण चौरसिया के बीच प्रेम प्रसंग था। इसी रंजिश में अरुण और उसके साथी अभिषेक चौरसिया की सुनियोजित हत्या कर दी गई। घटना में प्रयुक्त तमंचा, खोखा कारतूस, दोनों मृतकों के मोबाइल फोन, बांस के डंडे, कोल्ड ड्रिंक की बोतल, प्लास्टिक के गिलास सहित अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं।
साजिश सिरे चढ़ाने के इंतजाम पहले कर लिए थे मुकम्मल
पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा के निर्देशन में एएसपी पूर्वी एवं सीओ संडीला के नेतृत्व में गठित 13 टीमों ने घटना का खुलासा किया। जांच में सामने आया, मुख्य साजिश एक बाल अपचारी ने साथियों प्रमोद पुत्र इन्द्रपाल और कुलदीप पुत्र परशुराम निवासी तकिया थाना संडीला तथा अन्य साथियों संग मिलकर रची थी। वारदात से एक दिन पहले खेत में लगा लंबा बांस काटकर दो डंडे तैयार किए गए और उन्हें निर्माणाधीन जल जीवन मिशन की पानी की टंकी के पास छिपा दिया गया। प्रमोद ने 29 जुलाई की शाम अरुण और अभिषेक को कोल्ड ड्रिंक पार्टी के बहाने बुलाया। रास्ते में कोल्ड ड्रिंक, प्लास्टिक के गिलास और नमकीन खरीदी गई तथा सभी निर्माणाधीन भवन की छत पर पहुंच गए।
हत्या से पहले अभिषेक से पूछा- काण्ड के बाद पुलिस से कैसे बचें?
एएसपी गौतम के अनुसार, पार्टी के दौरान प्रमोद ने मृतक अभिषेक से पूछा, यदि किसी की हत्या करनी हो तो पुलिस से बचने के लिए क्या करना चाहिए। पुलिस का दावा है, अभिषेक ने कहा, मोबाइल फोन बंद नहीं करना चाहिए, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को देकर उससे बात करवाते रहना चाहिए, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके। जांच में सामने आया, आरोपियों ने हत्या में इसी तरीके का इस्तेमाल किया और अपने मोबाइल फोन भाइयों को देकर उन्हें स्विच ऑफ न करने की हिदायत दी, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
बांस के डंडों, ईंट-पत्थरों से हमला, फिर मारी गोली
करीब एक घंटे बाद सभी नीचे उतरे। तय योजना के अनुसार एक बाल अपचारी ने बांस के डंडे से अरुण के सिर पर कई वार किए। अचानक हमला देख अभिषेक जान बचाकर भागने लगा, लेकिन कुलदीप और अन्य ने उसे धक्का देकर गिरा दिया। इसके बाद प्रमोद, बाल अपचारी और अन्य साथियों ने दोनों पर बांस के डंडों, ईंट और पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला किया। जब अरुण की सांस चलती दिखाई दी तो उसके चेहरे पर तमंचे से गोली मार दी। दोनों के मोबाइल फोन निकाल लिए और हथियार छिपा दिए।
परिजनों को दी जानकारी से सुलझी गुत्थी
पुलिस जांच में महत्वपूर्ण कड़ी तब मिली, जब अरुण घर से निकलते समय परिजनों को यह बताकर गया था, वह प्रमोद के साथ पार्टी में जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और पूछताछ के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची और पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया।
30 जुलाई को मिले थे दोनों युवकों के शव
संडीला क्षेत्र में अतरौली मार्ग पर तकिया आटामऊ जाने वाली सड़क के किनारे निर्माणाधीन जल जीवन मिशन की पानी की टंकी के पास अरुण चौरसिया निवासी रेसों थाना कछौना और अभिषेक चौरसिया निवासी गौहनिया थाना कछौना के 30 जुलाई को शव बरामद हुए थे। दोनों के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे। मामले में संडीला में बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने अब प्रमोद पुत्र इन्द्रपाल और कुलदीप पुत्र परशुराम को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
अभिषेक बन गया काण्ड का साक्षी और मारा गया
घटनाक्रम की वजह अरुण चौरसिया और एक बाल अपचारी की बहन के बीच प्रेम प्रसंग था। आरोपियों की रंजिश केवल अरुण से थी, अभिषेक चौरसिया का इस विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं था। अरुण के साथ होने के कारण अभिषेक भी हमलावरों का निशाना बन गया और उसकी भी हत्या कर दी गई। अभिषेक के विरुद्ध लखनऊ में गैंगस्टर एक्ट सहित गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज थे। हत्या के बाद पुलिस से बचने के तरीके को लेकर प्रमोद ने अभिषेक से ही बातचीत की थी। अभिषेक की हत्या की वजह घटनास्थल पर मौजूद होना और आरोपियों की साजिश का गवाह बन जाना बनी।
अनावरण में इन टीमों की रही अहम भूमिका
एसओजी/स्वाट टीम का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने किया, जबकि सर्विलांस टीम का नेतृत्व उप निरीक्षक अब्दुल जब्बार ने संभाला। टीम में हेड कांस्टेबल अनिल सिंह चंदेल, सागर चौधरी, आनंद विश्वकर्मा, आकाश, कांस्टेबल मंजेश, आदित्य प्रताप सिंह, त्रिवेश, बृजनंदन, ओमवीर, यादवेन्द्र सिंह, राजकुमार एवं नितिन गुना शामिल रहे।
संडीला पुलिस टीम भी रही साथ
कार्रवाई में संडीला प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र पंकज, निरीक्षक इंदेश यादव, उप निरीक्षक ईश्वरराम यादव, मुकेश कुटारिया, विनय कुमार, अनुज कुमार, हेड कांस्टेबल रतन सिंह, धर्मेश कुमार तथा कांस्टेबल सुनील पटेल और जितेंद्र यादव ने भी भूमिका निभाई।