अमन शुक्ला, सतना: मप्र के जिला अस्पताल सतना में एक लावारिश व्यक्ति का शव पिछले चार दिनों से पोस्टमार्टम कक्ष में रखा होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शव का अंतिम संस्कार केवल इसलिए नहीं हो सका क्योंकि नगर निगम के पास जेसीबी चलाने के लिए डीजल उपलब्ध नहीं है। इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उपचार के दौरान हुई मौत
जानकारी के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति को बीमार हालत में रामना टोला क्षेत्र से जिला अस्पताल लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पहचान नहीं होने के कारण शव को पोस्टमार्टम कक्ष में सुरक्षित रख दिया गया। अस्पताल पुलिस चौकी ने नियमानुसार 29 जुलाई को नगर निगम को पत्र भेजकर शव के कफन-दफन की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। बताया गया है कि तीन दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 31 जुलाई को अस्पताल चौकी से नगर निगम अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया गया तो कथित तौर पर जवाब मिला कि जेसीबी में डीजल नहीं है। डीजल उपलब्ध होने के बाद ही शव को मुक्तिधाम ले जाकर दफनाया जा सकेगा। इस जवाब के बाद शव करीब 72 घंटे से अधिक समय तक पोस्टमार्टम कक्ष में पड़ा रहा।
पेट्रोल पंप का करीब 70 लाख रुपये बकाया
विभागीय जानकारों की माने तो नगर निगम पर शहर के एक पेट्रोल पंप का करीब 70 लाख रुपये का ईंधन भुगतान मई माह से बकाया है। भुगतान नहीं होने के कारण पेट्रोल पंप संचालक ने नगर निगम के वाहनों को उधार में ईंधन देना बंद कर दिया है। इसका असर अब नगर निगम की आवश्यक सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है।
मानवता और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर प्रश्नचिह्न
इस मामले में नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी ए पी सिंह ने बताया कि फिलहाल वाहनों के लिए पेट्रोल पंप से ईंधन की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पुरानी पेंडेंसी बाकी है। कमिश्नर का भी तबादला हो गया है जिस कारण पेट्रोलपंप के बिल भुगतान में भी दिक्कत आ रही है। एक-दो दिन देखते है नहीं तो कोई व्यवस्था कर शव दफन कराया जाएगा।
इनका कहना है....
एपी सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम सतना का कहना है कि नए आयुक्त की पदस्थापना नहीं हो पाने के कारण पेट्रोल टंकी का भुगतान नहीं हो पाया है इसलिए टंकी से जेसीबी के लिए डीजल नहीं उपलब्ध हो पाया। जिसके कारण जेसीबी नहीं भेजी गई, वैकल्पिक व्यवस्था करवाकर भेजा जाएगा।
राजेश चतुर्वेदी पालन, स्पीकर, नगर निगम सतना का कहना है कि नगर निगम के अफसरों द्वारा यदि पहले मुझे इस प्रकरण से अवगत करवाया गया होता तो मैं स्वयं अपने पेट्रोल पंप से जेसीबी में डीजल की व्यवस्था करवा देता या फिर नकद दे देता। निश्चित ही यह जिम्मेदार कर्मचारियों की लापरवाही है। बहरहाल मै सहयोग कर शव को सम्मान पूर्वक दफनाने की व्यवस्था करूंगा। जो कि रविवार को किया जाएगा।
डां अमर सिंह, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल सतना ने कहा है कि हमने नगर निगम प्रशासन को जानकारी दी है, चूंकी अज्ञात शव को कफन और दफन करने की व्यवस्था निगम की है।