संजय पांडेय, सागर। बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध/अवैध शराब पीने से हुए बड़े हादसे में 10 से अधिक लोगों की मौत और कई लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने के बाद शासन-प्रशासन में हडक़ंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। सीएम के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, क्षेत्र की 7 शराब दुकानों को सील कर दिया गया है।
दरअसल, घटना की सूचना मिलते ही सागर सांसद लता वानखेड़े, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी और स्थानीय विधायक शैलेंद्र जैन बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) पहुंचे। यहां उन्होंने भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य का हाल जाना और डॉक्टरों को समुचित इलाज के निर्देश दिए।
घटना के बाद गरमाई राजनीति
शहर में बिगड़े माहौल और घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने अपना प्रस्तावित मटकी फोड़ कार्यक्रम स्थगित करने की घोषणा की है। दूसरी ओर, इस मामले को लेकर सियासत भी गर्म हो गई है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर आबकारी माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच और पीडि़तों के परिवारों को उचित मुआवजे की मांग की है। फिलहाल स्वास्थ्य और प्रशासनिक टीमें प्रभावित गांवों में सर्वे कर रही हैं ताकि समय रहते प्रभावितों का इलाज कराया जा सके।
इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय ग्वालियर अटैच किया है। वहीं सहायक आयुक्त आबकारी सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी सागर दिलीप खंडाते व प्रोशनी उरेती आबकारी उप निरीक्षक वृत बंडा को निलंबित किया गया है। इसके अतिरिक्त गूगरा चौकी प्रभारी तथा बंडा थाना प्रभारी को भी निलंबित किया गया है।