प्रमोद शर्मा, हापुड़: मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सिंभावली थाना क्षेत्र के हरोड़ा मोड़ स्थित संजीवनी हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। अस्पताल में कथित तौर पर नाबालिग बच्चों से मरीजों को ड्रिप और इंजेक्शन लगवाए जाने की शिकायत सामने आई थी। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच-पड़ताल की।
नाबालिग कर रहे इलाज!
बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि अस्पताल में मरीजों के इलाज और देखभाल जैसे संवेदनशील कार्यों में नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में बच्चों के हाथों मरीजों को ड्रिप और इंजेक्शन लगाए जाने की बात सामने आई। मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो विभागीय टीम ने अस्पताल पर छापा मार दिया। जांच के दौरान शिकायतों में सामने आए आरोपों की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को तत्काल सील कर दिया। अस्पताल के दस्तावेजों और संचालन से जुड़े कागजात की भी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया।
नाबालिगों के हाथों इलाज पर उठे सवाल
मरीजों के इलाज में प्रशिक्षित और अधिकृत स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में यदि नाबालिग बच्चों से ड्रिप और इंजेक्शन जैसे चिकित्सकीय कार्य कराए जा रहे थे तो यह गंभीर लापरवाही का मामला माना जा सकता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की।
‘ताला कब खुलेगा’ पर टिकी निगाहें
अस्पताल सील होने के बाद स्थानीय लोगों में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का कहना है कि कार्रवाई के बाद अब यह देखना अहम होगा कि अस्पताल के खिलाफ जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और सील कब तक रहती है। कुछ स्थानीय लोगों ने अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर नियमित जांच की मांग भी उठाई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।