राजेश जायसवाल, महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा से सटे नौतनवा और सोनौली क्षेत्र के कई मोटर गैरेज इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इन गैरेजों में बड़ी संख्या में नेपाली नंबर की कारें मरम्मत, डेंटिंग-पेंटिंग और पार्ट्स बदलवाने के लिए लाई जाती हैं। बताया जाता है कि नेपाल की तुलना में भारत में कारों के स्पेयर पार्ट्स काफी सस्ते होने के कारण बड़ी संख्या में वाहन मालिक सीमा पार से अपनी गाड़ियां लेकर यहां पहुंचते हैं।
बदले जाते हैं महंगे पार्ट्स!
सूत्रों के अनुसार, कई गैरेजों में नेपाली नंबर की महंगी गाड़ियों के पार्ट्स बदले जाते हैं और मरम्मत के बाद उन्हें वापस नेपाल भेज दिया जाता है। सूत्रों का बताना है कि कुछ स्थानों पर संदिग्ध स्रोतों से लाए गए ऑटो पार्ट्स का भी इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बिना पंजीयकरण के गोदाम
जानकारों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में कुछ मोटर पार्ट्स कारोबारियों द्वारा बिना पंजीकरण के अलग-अलग स्थानों पर गोदाम संचालित किए जा रहे हैं इन गोदामों में करोड़ों रुपए का बाहर से मंगाए गए स्पेयर पार्ट्स रखे जाते हैं। आरोप है कि इन्हीं गोदामों से सामान निकालकर नेपाली नंबर की गाड़ियों में फिट किया जाता है।
भारत-नेपाल सीमा से आने-जाने वाली कई नेपाली नंबर की गाड़ियों के इंजन और चेसिस नंबर का नियमित सत्यापन तथा कस्टम दस्तावेजों की प्रभावी जांच नहीं होने से अवैध गतिविधियों की संभावना बढ़ जाती है।