राजेश जायसवाल,महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर से नेपाल की राजधानी काठमांडू, पोखरा सहित अन्य शहरों से संचालित होने वाली कुछ नेपाली नंबर की बसों पर भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा और टूरिस्ट बस लिखकर भारत में अवैध रूप से यात्रियों का परिवहन किए जा रहे हैं।
टूर परमिट की आड़ में खेल!
ये बसें टूर परमिट की आड़ में नियमित रूप से दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, सहित अन्य शहरों तक यात्रियों को ले जाती हैं। जानकारी के अनुसार, इन बसों के संचालक होटलों और ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से यात्रियों की सूची तैयार कर टूरिस्ट बस के रूप में परमिट प्राप्त करते हैं। आरोप है कि यात्रा के दौरान निर्धारित सूची के अतिरिक्त भी रास्ते भर सवारियां बैठाई और उतारी जाती हैं, जिससे टूरिस्ट परमिट की शर्तों का उल्लंघन होता है।
तस्करी और रोडवेज को चूना!
स्थानीय सूत्रों का यह भी दावा है कि इन बसों के माध्यम से दिल्ली सहित अन्य शहरों से कई प्रकार का सामान भी भारत-नेपाल सीमा तक पहुंचाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार के संचालन से उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) को हर माह लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जबकि नियमित परमिटधारी बस संचालकों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। परिवहन विभाग द्वारा इन बसों की नियमित जांच और प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण ऐसे वाहनों का संचालन लगातार बढ़ रहा है।