Bhopal Court: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण के मामले प्यारे मियां को भोपाल पॉक्सो कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी प्यारे मियां को पांच बच्चियों के यौन शोषण के जुर्म में 10 बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 77 लाख 64 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। मामले में सह-आरोपी राबिया बी को भी 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
ब्लैकमेलिंग और पीड़िता की आत्महत्या
आरोपी प्यारे मियां गरीब परिवार की नाबालिग बच्चियों को नौकरी दिलाने, पैसों का लालच देने या जन्मदिन की पार्टियों के बहाने अपने ठिकाने पर बुलाता था। वहां वह उनके साथ दरिंदगी करता था और कथित तौर पर हिडन कैमरों से वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था। दरिंदगी का शिकार हुई नाबालिग बच्चियों में से एक पीड़िता ने मानसिक प्रताड़ना के चलते आत्महत्या कर ली थी। 11 जुलाई 2020 की रात भोपाल पुलिस को पांच नाबालिग बच्चियां संदिग्ध परिस्थितियों में मिली थीं। पूछताछ के दौरान इस घिनौने रैकेट का भंडाफोड़ हुआ। जांच में सामने आया कि राबिया बी नामक महिला इन मासूम बच्चियों को बहला-फुसलाकर प्यारे मियां तक पहुंचाती थी। अदालत ने उसे भी दोषी मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई।
पहले भी मिल चुकी है उम्रकैद
78 वर्षीय प्यारे मियां का आपराधिक इतिहास काफी पुराना रहा है। इससे पहले 7 मार्च 2022 को भी एक अन्य नाबालिग से दुष्कर्म और उसके गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने के मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। अब विशेष अदालत द्वारा 10 बार आजीवन कारावास और 77.64 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।