बृजेश कबीर, हरदोई: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जा रहे रेलवे स्टेशन के फ्रंट डिजाइन का विवाद थमा नहीं है। करीब 24 दिन बीत जाने के बाद भी रेलवे अधिकारी संशोधित अन्तिम मानचित्र सदर सांसद जयप्रकाश रावत के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सके हैं।
08 जुलाई को दिया था पुनः निरीक्षण का आश्वासन
मुरादाबाद मंडल ने 08 जुलाई को लिखित स्पष्टीकरण में कहा था, हरदोई रेलवे स्टेशन की कोई नई डिजाइन स्वीकृत नहीं है। स्पष्ट किया था, फ्रंट डिजाइन का दोबारा निरीक्षण कराया जा रहा है और संशोधित प्रस्ताव सांसद की सहमति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
सांसद ने जताई थी आपत्ति, रेलवे ने दी थी सफाई
सदर सांसद जयप्रकाश रावत ने बदले गए स्टेशन के फ्रंट डिजाइन पर आपत्ति जताते हुए रेलवे अधिकारियों से जवाब तलब किया था। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर मामले को संसद के मानसून सत्र में उठाने की भी बात कही थी। इसके बाद ही रेलवे प्रशासन ने लिखित स्पष्टीकरण जारी किया था।
लोग पूछ रहे, आखिर देरी क्यों?
रेलवे के आश्वासन के बावजूद अब तक संशोधित डिजाइन सार्वजनिक नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है, पुनः निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में हो रही देरी का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नई डिजाइन कब सामने आएगी और स्टेशन के विकास कार्य को कब गति मिलेगी।