बृजेश कबीर, हरदोई: मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल के नेतृत्व में खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रदेश स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना के उत्कृष्ट संचालन पर उन्हें प्रशंसा-पत्र भेजकर सम्मानित किया है। सरकार ने इसे अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय बताया है।
योजनाओं का लाभ उद्यमियों तक पहुंचाने में बनीं अहम कड़ी
लखनऊ से जारी प्रशंसा-पत्र में अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने कहा, हरदोई में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 और पीएमएफएमई योजना के तहत उद्यमियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने, उन्हें आवेदन कराने और अनुदान दिलाने में सीडीओ नेहा ब्याडवाल ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसी प्रभावी कार्य के आधार पर प्रदेश के केवल सात अधिकारियों (तीन डीएम, चार सीडीओ) में उनका चयन प्रशंसा के लिए किया गया।
हरदोई में खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाओं को मिली रफ्तार
जिले में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति और वित्तीय सहायता मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हरदोई में दुग्ध प्रसंस्करण, पोल्ट्री फीड, ब्रेड एवं रस्क निर्माण, डेयरी उत्पाद, आइसक्रीम कोन निर्माण सहित सात प्रमुख इकाइयों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं में लगभग 45.61 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 1,121 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। विभिन्न इकाइयों को प्रथम एवं द्वितीय किश्त के रूप में करीब 3.69 करोड़ रुपये का अनुदान भी स्वीकृत किया गया है।
दूध से लेकर ब्रेड तक, विविध क्षेत्रों में निवेश
हरदोई में जिन प्रमुख इकाइयों को बढ़ावा मिला है, उनमें मिल्क प्रोसेसिंग एवं घी-बटर निर्माण, डेयरी उत्पाद, पोल्ट्री फीड निर्माण, ब्रेड-रस्क निर्माण तथा आइसक्रीम कोन निर्माण जैसी इकाइयां शामिल हैं। इन परियोजनाओं से जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का दायरा बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं।
डिप्टी सीएम के निर्देशन में चल रहा अभियान
अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने कहा, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण है और हरदोई सहित जिन जिलों के अधिकारियों को सम्मानित किया गया है, उनका कार्य अन्य जनपदों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
पीएमएफएमई: 250 से अधिक उद्यमियों को मिली राहत, करोड़ों के ऋण स्वीकृत
हरदोई। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना के तहत जिले के 250 से अधिक उद्यमियों को विभिन्न बैंकों से ऋण स्वीकृत किया गया है। स्वीकृत ऋण राशि लगभग चार से 30 लाख रुपये से अधिक तक है। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक समेत कई बैंकों की शाखाओं ने ऋण मंजूर किए हैं। इससे जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के विस्तार, स्वरोजगार और स्थानीय रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
हरदोई के आंकड़े: 45.61 करोड़ निवेश, 1,121 रोजगार, 3.69 करोड़ अनुदान
हरदोई में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत अब तक कुल 45.61 करोड़ रुपये के निवेश वाले सात प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं से जिले में 1,121 लोगों को रोजगार का अनुमान है। विभिन्न इकाइयों को प्रथम एवं द्वितीय किश्त के रूप में करीब 3.69 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया जा चुका है। जिले में स्वीकृत प्रमुख परियोजनाओं में मिल्कफुल डेयरी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संचालक अभिषेक सिंह की दूध, दही, घी एवं बटर निर्माण इकाई शामिल है। इस परियोजना में 1.15 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इससे 53 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
सबसे बड़ी परियोजनाओं में प्रोफिशिएंसी मैनेजमेंट एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज एलएलपी के संचालक राजीव मनचंदा की आइसक्रीम कोन निर्माण इकाई और एस.ए.बी. इंडिया इंटीग्रेटेड नैचुरल ग्रीन एंड ऑर्गेनिक फूड्स लिमिटेड के संचालक कृष्ण कुमार सिंह की पोल्ट्री फीड निर्माण इकाई शामिल हैं। इन दोनों परियोजनाओं में क्रमशः 17.49 करोड़ रुपये और 17.89 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। आइसक्रीम कोन इकाई से 865 तथा पोल्ट्री फीड इकाई से 85 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
महेश्वरी डेयरी प्रोडक्ट्स की संचालक सुलोचना महेश्वरी की डेयरी उत्पाद निर्माण इकाई में 2.28 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 75 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं डी.एस. इंडस्ट्रीज की संचालक शोभा की ब्रेड, रस्क एवं बेकरी उत्पाद निर्माण इकाई में 5.75 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 25 लोगों के लिए रोजगार सृजित होने की संभावना है। नारी शक्ति महिला प्रेरणा लघु उद्योग की संचालक सुधन्या की सौर ऊर्जा संयंत्र परियोजना तथा पटेल इंडस्ट्रीज के संचालक उमेश चंद्र की विनिर्माण इकाई को भी योजना का लाभ मिला है। पटेल इंडस्ट्रीज की इकाई से 18 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।