पायलट की जांच केवल लाइसेंस तक सीमित नहीं
कैसे होती है पायलट की पेशेवर व मानसिक सुरक्षा जांच?
तेल अवीव जा रहा विमान हजारों फीट की ऊंचाई पर था, जब कॉकपिट के भीतर हुई हिंसक घटना ने सामान्य उड़ान को गंभीर आपात स्थिति में बदल दिया। दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार घायल हुए और विमान ने तेजी से ऊंचाई खोई। रिपोर्टों के अनुसार, घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में भूमिका निभाई, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने स्थिति संभालने में मदद की। विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया और सभी 174 यात्री सुरक्षित रहे। मच्छार को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
घटना ने कैप्टन मच्छार के साहस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। साथ ही यह सवाल भी सामने आया है कि जिस व्यक्ति के हाथ में सैकड़ों यात्रियों की जिम्मेदारी होती है, उसकी पेशेवर क्षमता के साथ मानसिक और व्यवहारिक फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए दुनिया में क्या व्यवस्थाएं हैं? घटना के कारण और सह-पायलट की मंशा की जांच जारी है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष से पहले सावधानी जरूरी है।
अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन यानी आईसीएओ पायलट लाइसेंसिंग के लिए ज्ञान, प्रशिक्षण, अनुभव, कौशल और मेडिकल फिटनेस से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मानक तय करता है। पायलट का लाइसेंस आईसीएओ नहीं, संबंधित देश का विमानन नियामक जारी करता है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी व्यवस्था का हिस्सा हैं। लेकिन दुनिया में पायलट की जांच की एक जैसी व्यवस्था नहीं है। आईसीएओ वैश्विक आधार देता है, जबकि देश और विमानन कंपनियां अपने जोखिम के अनुसार अतिरिक्त उपाय लागू करती हैं।
यूरोप में मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन
यूरोपीय विमानन सुरक्षा व्यवस्था में पायलट चयन के दौरान मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन को महत्व दिया गया है। यूरोपीय नियमों के तहत यह मूल्यांकन परिचालन परिस्थितियों के अनुरूप होना चाहिए और इसमें विमानन क्षेत्र की समझ रखने वाले मनोवैज्ञानिक की भूमिका होती है। सामान्य व्यवस्था में मूल्यांकन लाइन फ्लाइंग शुरू होने से 24 महीने के भीतर का होना चाहिए, हालांकि जोखिम के आधार पर अलग व्यवस्था संभव है।यूरोप की मेडिकल व्यवस्था में मानसिक स्वास्थ्य के आकलन के दौरान तनाव से निपटने की क्षमता, वर्तमान जीवन और काम का दबाव तथा दल के साथ काम करने में आने वाली कठिनाइयों पर भी ध्यान दिया जाता है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की राय ली जाती है।
ब्रिटेन में व्यवहार और तनाव पर भी नजर
ब्रिटेन के नागरिक विमानन प्राधिकरण की व्यवस्था में पायलट के मानसिक स्वास्थ्य के साथ तनाव से निपटने की क्षमता, काम और निजी जीवन का दबाव, संबंधों से जुड़ी कठिनाइयां और परिचालन दल के साथ समन्वय जैसे पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाता है। यदि किसी समस्या के संकेत मिलते हैं तो विशेषज्ञ मूल्यांकन की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य की हर समस्या को खतरा मानना नहीं, बल्कि ऐसी स्थिति की पहचान करना है, जो उड़ान सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है।
अमेरिका में नियमित मेडिकल निगरानी
अमेरिका में संघीय विमानन प्रशासन यानी एफएए के अनुसार एयरलाइन पायलटों को उनकी उड़ान की श्रेणी और उम्र के अनुसार नियमित मेडिकल परीक्षण से गुजरना होता है। यह अवधि छह महीने से पांच वर्ष तक हो सकती है। मेडिकल प्रक्रिया में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी शामिल है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सकीय मूल्यांकन कराया जा सकता है।अमेरिका में शराब और नशीले पदार्थों से जुड़ी समस्याओं के लिए भी विशेष निगरानी और उपचार-आधारित व्यवस्था है। एफएए पायलटों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करता है और स्पष्ट करता है कि उपचारित मानसिक स्वास्थ्य स्थितियां हर मामले में उड़ान से स्वतः अयोग्य नहीं बनातीं।
ऑस्ट्रेलिया में बिना पूर्व सूचना जांच
ऑस्ट्रेलिया की नागरिक विमानन सुरक्षा व्यवस्था में सुरक्षा-संवेदनशील विमानन कर्मचारियों के लिए शराब और नशीले पदार्थों की जांच का स्पष्ट ढांचा है। इसमें उड़ान दल के साथ केबिन क्रू, रखरखाव कर्मचारी और अन्य सुरक्षा-संवेदनशील भूमिकाएं शामिल हैं। नागरिक विमानन सुरक्षा प्राधिकरण बिना पूर्व सूचना के भी जांच कर सकता है।परीक्षण की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को सुरक्षा-संवेदनशील काम से हटाकर चिकित्सकीय मूल्यांकन और आवश्यक हस्तक्षेप की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
अनुराग तागड़े